इस दुनिया में सब लोगों को तीन चीजों की प्यास रहती हैं
१ धनेश्ना
२ कामेश्ना
३ लोकेश्ना
पहली प्यास बहुत जरूरी हैं , दूसरी जरूरी हैं , लेकिन तीसरी कोई जरूरी नहीं फिर भी लोग मरते दम तक इस प्यास को पुरा करने के लिए भागते रहते हैं परन्तु यह प्यास उमर के साथ बढती ही जाती हैं जबकि पहली प्यास चलती रहती हैं दूसरी कुछ समय बाद ख़तम होने लगती हैं और धीरे धीरे ख़तम हो जाती हैं , मैं इस और लोगो का ध्यान दिलाना चाहता हूँ की तीसरी प्यास क्यों नहीं ख़तम होती जबकि यह कोई बहुत जरूरी नहीं हैं , एक मरते हुए को भी तीसरी प्यास सताती रहती हैं , दुनिया में जितने भी लोग प्रसिद्ध होते जाते हैं यह प्यास बढती ही जाती हैं और इसे पूरा करने के लिए इंसान कुछ भी करने के लिए तैयार रहता हैं फिर भी तृप्त नहीं होता
यह प्यास कब ख़तम होगी शायद कभी नहीं ?
सुखी रहने का मंत्र यही हैं की इंसान पहली और दूसरी प्यास की कुछ तृप्ति करें और तीसरी के लिए ज्यादा नहीं भागे
मनन करिए !
Tuesday, February 17, 2009
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